गौतस्करी तथा टटलू अपराध को लेकर हुई पंचायत

खबरें अभी तक।  नूंह जिले में गौतस्करी – गौहत्या से जुड़े लोगों की अब खैर नहीं है। समाज के सभी 36 बिरादरी के लोग ही नहीं सामाजिक , बुद्धिजीवी , राजनेता , उलेमा , बाबा सब इसको रोकने के लिए एकजुट नजर आ रहे हैं। रविवार को नूंह विश्राम गृह में गौहत्या – गौतस्करी के साथ – साथ टटलू अपराध को रोकने के लिए कड़े फैसले लिए गए। पंचायत में सभी समुदाय और राजनैतिक दलों से जुड़े लोगों ने ने भाग लिया। पंचायत में तय किया किया गया कि आगामी 28 जनवरी को इसी प्रांगण में महापंचायत होगी , जिसमें राजनेताओं की खास भूमिका होगी , साथ ही यह भी तय हुआ कि जो राजनेता इस पंचायत में नहीं आएगा , उसको गोहत्यारों – तस्करों का मददगार माना जायेगा। पंचायत के तेवरों से साफ है कि आगामी 28 जनवरी को विशाल ऐतिहासिक पंचायत होगी। नूंह मेवात जिले के माथे पर लगा यह कलंक अंदर ही अंदर सबको शर्मिंदा कर रहा है ,इतना ही नहीं दूसरे राज्यों में पढ़ने वाले यहां के बच्चों से लेकर दूसरे राज्यों में बिजनेस और सफर करने में भी गौहत्या की वजह से मेवात का बताने में शर्म महसूस होती है। पंचायत का आयोजन मेवात विकास सभा सामाजिक संगठन द्वारा किया गया ,जिसकी अध्यक्षता मौलाना मुफ़्ती जाहिद हुसैन नूंह ने की।

पंचायत में शामिल हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप देशवाल ने कहा कि सरकार समाज के साथ है। गौहत्या – गौतस्करी से सिर्फ एक समाज नहीं बल्कि हर मेवाती कलंकित होता है। नरेंद्र पटेल नूंह भाजपा कार्यकर्ता ने कहा कि हिन्दू बाहुल्य गांवों में लोगों को पंचायत में आने की दावत दी जाएगी।  जिला प्रशासन भी समाज की गौहत्या – गौतस्करी रोकने में मदद करेगा। मुस्लिम समाज के साथ – साथ हिन्दू समाज भी इस कलंक से बेहद आहत है ,कोई बड़ा उद्योगपति नूंह जिला का नाम सुनते ही आने को तैयार नहीं होता। मुफ़्ती जाहिद हुसैन ने कहा कि रविवार को हुई पंचायत में जो बड़े नेता शामिल नहीं हुए , अगर वे आगामी 28 जनवरी की महापंचायत में नहीं आये , तो मानो वे जनता के साथ नहीं होकर गौहत्या करने वालों के साथ है। गौहत्या – गौतस्करी में सैकड़ों लोग शामिल हैं ,लेकिन करीब 44 लाख मेवातियों को कलंकित होना पड़ता है। रसीद अहमद एडवोकेट पुन्हाना ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी को मेवात में तैनात करना होगा , तभी जाकर यहां तेजी से बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लग सकेगा। रमजान चौधरी एडवोकेट ने कहा कि गौहत्या – गौतस्करी के लिए कड़ा कानून बना हुआ है ,बावजूद उसके कुछ लोग इस धंधे में शामिल हैं ,जो हर मेवाती के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है।

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